चुम्बकीय चिकित्सा पद्धति

चुम्बकीय चिकित्सा पद्धति

कोई बात मुजे गलत नहीं बतानी आपको ये मेरा पहला लेख है जो अलग अलग सन्दर्भ को जोड़ के सम्पूर्ण हिंदी में लिखा गया है |

चुम्बकीय ऊर्जा में शरीर के उन सभी रोगों को दूर करने की ताकत होती है, जो शारीरिक क्रियाओ से और रक्त संचार से विशेष रूप सम्बंधित होते है | उसका प्रभाव हड्डी अथवा शरीर के एन्य अवयवो तक सीधे पहुँचने की क्षमता के कारण उपचार शीघ्र एवं प्रभावशाली होता है | अत: रोगों के उपचार एवं बचाव में विभिन्न प्रकार की चुम्बकीय ऊर्जा का उपयोग दिन प्रतिदिन लोकप्रिय होता जा रहा है |

चुम्बकीय ऊर्जा की विशेषता

बिजली के प्रवाह हेतु विध्युत चालक धातु (Conductor) की आवश्यकता होती है | अन्य अवरोधक वस्तुओ (Non Conductor) में बिजली का प्रवाह नहीं हो सकता | परन्तु चुम्बकीय तरंगो के प्रवाह हेतु किसी विशेष प्रकार के धातु की आवश्यकता नहीं होती | प्राय: अधिकांश पदार्थ चुम्बकीय तरंगो का पूर्ण प्रतिरोध नहीं कर पते | लकड़ी कांच जैसी बिजली की अवरोधक वस्तुओ में ये ऊर्जा प्रवाहित हो सकती है | फिर भी लोहे अथवा उससे बनी वस्तुओ के साथ चुम्बक का विशेष आकर्षण होता है | जहाँ जहाँ लोहे के उपकरण होते है, प्राथमिकता के आधार पर चुम्बकीय ऊर्जा का अधिकांश प्रवाह पहले उनमे होता है | अत: पृथ्वी और हमारे मध्य जितने अधिक लोह उपकरण होते है, उतना ही कम पृथ्वी के चुम्बक से हमारा संपर्क रहता है |

पृथ्वी के चुम्बक का हमारे जीवन पर प्रभाव

वैज्ञानिको की ऐसी मान्यता है की सारे ब्रह्माण्ड का मूलाधार चुम्बकीय शक्ति है एवं उसके प्रभाव से ही सारे ग्रहों, उपग्रहों, नक्षत्रों को एक दूसरे से जुड़े रहने की शक्ति प्राप्त होती है | पृथ्वी हों या सूर्य, चन्द्रमा अथवा अन्य ग्रह एवं नक्षत्र सभी चुम्बकीय ऊर्जा से प्रभावित होते है, जिनका हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है | सारा ज्योतिष शास्त्र उनके प्रभावों पर ही आधारित होता है | पृथ्वी स्वयं एक शक्तिशाली चुम्बक है एवं प्राणीमात्र के शरीर में भी चुम्कीय शक्ति होती है | (इसलिए सोते वक्त दिशा का भी ख्याल रखना चाहिए दक्षिण या पश्चिम की तरफ ही सर रखे) जब तक पृथ्वी के चुम्बक का हमारी चुम्बकीय ऊर्जा पर संतुलन और नियंत्रण रहता है तब तक हम स्वस्थ रहते है | जितने जितने हम प्रकृति के समीप खुले वातावरण में रहते है, हमारे स्वास्थ्य में निश्चित रूप से सुधार होता है | परन्तु आजकल हम चारों तरफ चुम्बकीय शक्ति को असंतुलित करने वाले वातावरण के बीच रहते है | हम खानेपीने में प्राय: स्टील के बर्तनों का उपयोग करते हैं | आवागमन के लिए साइकल, स्कूटर, कार, बस, रेल, हवाई जहाज या स्टीमर आदि का उपयोग करते हैं | मकानों में आर. सी. सी. का प्रचलन बढ़ता जा रहा है | अधिकांश मशीनें, उपकरण, फर्नीचर आदि जिन्हें हम प्रतिदिन काम में लेते हैं, लोहे की बनी होती है, जिससे पृथ्वी के चुम्बक का प्रभाव हमारे शरीर में घटता जा रहा है | हम कुएँ का पानी उपयोग में लेने के बजाय, जो पानी कार्य में लेते हैं, वह लोहे की पाइप लाइनों में से होकर आता है | दूसरी तरफ आज पृथ्वी का अन्धाधुन्ध दोहन किया जा रहा है, जिससे उसकी चुम्बकीय ऊर्जा कम होती जा रही है एवं उसका प्रभाव घटता जा रहा है | शरीर में चुम्बकीय ऊर्जा का असंतुलन एवं कमी अनेक रोगों का मुख्य कारण होती है | यदि इस असंतुलन को दूर कर अन्य माध्यम से पुन: चुम्बकीय ऊर्जा उपलब्ध करा दी जाये तो रोग दूर हो सकते हैं | चुम्कीय चिकित्सा का यहीं सिद्धान्त है | इसी कारण खुले वातावरण में विचरण करने वाले, गाँवो में रहने वाले, कुएँ का पानी पीने वाले, पैदल चलने वाले, अपेक्षाकृत अधिक स्वस्थ रहते हैं | जितनाजितना पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र से संपर्क बढ़ता है, उतनी उतनी शरीर की सारी क्रियायें संतुलित एवं नियन्त्रित होती है, उतने उतने हम रोग मुक्त होते जाते हैं |

(पर हम जानते है की हम चुम्बकीय ऊर्जा के लिए गाँव में जाकर, पैदल चल कर, कुएँ का पानी पीकर, जमीन पर सोकर नहीं रह सकते | तो इसका उपाय क्या है? कृत्रिम रूप से शरीर को चुम्बकीय ऊर्जा प्रदान की जाये | कैसे? आगे पढ़िए)

चुम्बकीय उपकरण के बारे में

Work of Magnet

आजकल शक्तिशाली चुम्बक का बहोत सारी स्वास्थ्य समस्याओ जैसे की मधुप्रमेह, रक्त दबाव समस्याएँ और मानव शरीर के कुछ खतरनाक दर्द के इलाज के लिए बहोत प्रयोग होता है |

वैज्ञानिको ने पता लगाया है की मानव शरीर की ज्यादातर बीमारियाँ रक्त के असामान्य प्रवाह के कारण होती है | उन्होंने संशोधन किया की चुम्बकीय चिकित्सा सबसे उपयोगी है दर्द और तनाव के लिए | चुम्बकीय उपकरण के इस्तेमाल से हम रोजबरोज के विकिरण, प्रदुषण और इक्कीसवीं सदीं की सबसे बड़ी समस्या विध्युतचुम्बकीय तरगो की असर से बच सकते है | ये तरंगे हमारी रोजबरोज के उपयोग के उपकरण जैसे की रेफ्रीजरेटर, माइक्रोवेव ओवेन्स, टेलीविजन और सबसे ज्यादा हमारे मोबाइल फ़ोन से उत्सर्जित होते है | चुम्बकीय उपकरण आपको ऐसी समस्याओ से बचाती है और तनाव भी दूर करती है |

ऐसे चुम्बकीय उपकरण जिसमे स्वास्थ्य तत्व जैसे की नीयोडिमियम चुम्बक, जर्मेनियम धातु, धातु का कवच होता है | ऐसे उपकरण को जीवचुम्बकीय (Bio-Magnetic) भी कहते है |

जीवचुम्बकीय चिकित्सा कैसे काम करती है?

शरीर में रक्त के बहाव में 4% हिस्सा लोहे (Fe) के कारण होता है | जैसे की चुम्बक लोहे को आकर्षित करता है, जब चुम्बक हमारे शरीर के विशेष क्षेत्र पर रखा जाता है तब चुम्बक रक्त वाहिका में अच्छे से रक्त को बहाने में काम करता है | ऐसा करने से उस विशेष क्षेत्र में रक्त प्रवाह नियमित होता है और बढ़ता है, इसलिए वो ज्यादा प्राणवायु और दर्द या स्नायुओ में पिण्ड (Blockage) दूर करने के लिए विविध पुष्टिकर (nutrients) देता है | इसलिए चुम्बक के प्रयोग से दर्द ओर स्नायुओ के पिण्ड को हटाया जा सकता है |

स्वास्थ्य लाभ

चुम्बकीय चिकित्सा का चुम्बक के अनुप्रयोग द्वारा तंतुओ को प्रेरित और अच्छे रक्त बहाव के लिए शरीर के विविध भागो में प्रयोग होता है | बदले में, ये अंगो और ग्रन्थियो को बेहतर काम करने में मदद करता है | दवाई शब्द इसके लिए अनुचित होगा क्युकि कोई दवाई चुम्बकीय चिकित्सा में मुख के द्वारा या सुई के द्वारा नहीं दी जाती | ये एक चिकित्सकीय पद्धति है जिसमे मनुष्य बिमारियों को विविध कद और शक्ति के चुम्बक, उत्तर और दक्षिण ध्रुव दोनों साथ में या तो स्वतंत्र प्रयोग किये जाते है | चुम्बककृत पानी और रस सार (Juices) भी चुम्बक अनुप्रयोग के साथ सयुंक्त उपयोग किया जाता है |

Magnetic Water Treatment

चुम्बकीय चिकित्सा पद्धति और उपकरणों के बारे में ओर ज्यादा जानकारी के लिए व्यवस्थापक का संपर्क करे |

धन्यवाद!

सन्दर्भ:

आपका आरोग्य, डॉ. चंचलमल चोरडिया

बायोमैग्नेटिक ब्रेसलेट

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s