सुभाष चंद्र बोस

जन्म- 23 जनवरी, 1897 ई., कटक, उड़ीसा | हमारे देश के इतिहास में ऐसा व्यक्तित्व जो एक साथ महान सेनापति, वीर सैनिक, राजनीति का अद्भुत खिलाड़ी और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुरुषों, नेताओं के समकक्ष साधिकार बैठकर कूटनीतिज्ञ तथा चर्चा करने वाला हो। भारत की स्वतंत्रता के लिए सुभाष चंद्र बोस ने क़रीब-क़रीब पूरे यूरोप में […]

मनुस्मृति – भारतीय कानून व्यवस्था

मनुस्मृति जलाने वालों एक बार ध्यान से पढो! मित्रो बहुत कम लोग जानते है की हमारी बहुत सी धार्मिक किताबें, शास्त्र और इतिहास के साथ अंग्रेज़ो ने बहुत छेड़खानी करी है ! आपको सुन कर हैरानी होगी भारत मे एक मूल प्रति है मनुसमृति की जो हजारो वर्षो से आई है और एक मनुस्मृति अंग्रेज़ो […]

गेहूं के जवारे : पृथ्वी की संजीवनी बूटी

प्रकृति ने हमें अनेक अनमोल नियामतें दी हैं | गेहूं के जवारे उनमें से ही प्रकृति की एक अनमोल देन है | अनेक आहार शाश्त्रियोंने इसे संजीवनी बूटी भी कहा है, क्योंकि ऐसा कोई रोग नहीं, जिसमें इसका सेवन लाभ नहीं देता हो | यदि किसी रोग से रोगी निराश है तो वह इसका सेवन […]

सारागढ़ी का युद्ध – भारत के इतिहास का अविश्वसनीय युद्ध

सारागढ़ी का युद्ध एक तरफ 12 हजार अफगान …..तो दूसरी तरफ 21 सिख …   अगर आप को इसके बारे नहीं पता तो आप अपने इतिहास से बेखबर है। आपने “ग्रीक सपार्टा” और “परसियन” की लड़ाई के बारे मेँ सुना होगा ……इनके ऊपर “300” जैसी फिल्म भी बनी है।   पर अगर आप “सारागढ़ी” के […]

जीवन का आधार… आयुर्वेद

जीवन का आधार… आयुर्वेद WHO कहता है की भारत में ज्यादा से ज्यादा केवल 350 दवाओं की आवश्यकता है | अधिकतम केवल 350 दवाओं की जरुरत है, और हमारे देश में बिक रही है 84000 दवाएं | यानि जिन दवाओं की जरुरत ही नहीं है वो डॉक्टर हमें खिलाते है क्योंकि जितनी ज्यादा दवाएं बिकेगी […]

भारत में चाय का इतिहास

मित्रो चाय के बारे मे सबसे पहली बात ये कि चाय जो है वो हमारे देश भारत का उत्पादन नहीं है ! अंग्रेज़ जब भारत आए थे तो अपने साथ चाय का पौधा लेकर आए थे ! और भारत के कुछ ऐसे स्थान जो अंग्रेज़ो के लिए अनुकूल (जहां ठंड बहुत होती है) वहाँ पहाड़ियो […]

हमारी हर परंपरा में वैज्ञानिकता का दर्शन होता हैं अज्ञानता का नहीं

हमारी हर परंपरा में वैज्ञानिकता का दर्शन होता हैं अज्ञानता का नहीं…… पितृ पक्ष (श्राद्ध) में मुख्य व्यंजन “खीर” का वैज्ञानिक महत्व…… हम सब जानते है की मच्छर काटने से मलेरिया होता है वर्ष मे कम से कम 700-800 बार तो मच्छर काटते ही होंगे अर्थात 70 वर्ष की आयु तक पहुंचते–पहुंचते लाख बार मच्छर […]